वाराणसी की गलियों में सर्बियन संगीतकार का जादू, स्थानीय कलाकारों के साथ तैयार कर रहे नया एल्बम
सर्बियन संगीत निर्देशक श्रीडजन बेरोन्जा वाराणसी के स्थानीय कलाकारों के साथ मिलकर एक नया म्यूजिक एल्बम तैयार कर रहे हैं।

धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी इन दिनों एक अंतरराष्ट्रीय संगीत प्रयोग की गवाह बन रही है। सर्बिया के मशहूर संगीत निर्देशक और कंपोजर श्रीडजन बेरोन्जा (Srdjan Beronja) इन दिनों वाराणसी में हैं और यहां के स्थानीय संगीतकारों के साथ मिलकर एक नए म्यूजिक एल्बम पर काम कर रहे हैं। बेरोन्जा न केवल एक संगीतकार हैं, बल्कि वे तबले के भी माहिर खिलाड़ी हैं और भारतीय पारंपरिक संगीत के प्रति उनका गहरा लगाव रहा है।
वाराणसी के प्रति अपना प्रेम जताते हुए बेरोन्जा ने बताया कि यहां के लोग बेहद मिलनसार और गर्मजोशी से भरे हुए हैं। वे केवल स्टूडियो तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने पवित्र शहर की गलियों की सैर की, स्थानीय स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठाया और यहां के रोजमर्रा के जीवन को करीब से महसूस किया। उन्होंने साझा किया कि स्थानीय संगीतकारों के साथ काम करना उनके लिए एक शानदार अनुभव रहा है। हालांकि, संगीत बनाने के उनके अनोखे अंदाज को देखकर स्थानीय कलाकार शुरुआत में थोड़े हैरान थे, लेकिन अब वे इस रचनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बन चुके हैं।
वैश्विक स्तर पर गूंजेगी बनारस की धुन
श्रीडजन बेरोन्जा का यह काम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहेगा। यूके स्थित दिग्गज म्यूजिक पब्लिशर 'एआरसी म्यूजिक' (ARC Music) के साथ उनकी साझेदारी के कारण, वाराणसी की ये धुनें ऑस्ट्रेलिया, जापान, यूरोप, अमेरिका और दक्षिण अमेरिका जैसे देशों तक पहुंचेंगी। बेरोन्जा का मानना है कि इस प्लेटफॉर्म की मदद से वे न केवल खुद को बल्कि वाराणसी और अन्य क्षेत्रों की समृद्ध संगीत परंपरा को पूरी दुनिया के सामने ला पा रहे हैं।
बता दें कि श्रीडजन बेरोन्जा एक संगीतशास्त्री और निर्माता भी हैं, जिन्होंने तबले पर एक किताब भी लिखी है। वाराणसी से उनका पुराना नाता है और वे पहले भी यहां दो एल्बम रिकॉर्ड कर चुके हैं। अपने इस नए प्रोजेक्ट के जरिए वे एक बार फिर शहर की विरासत और आधुनिक संगीत के संगम को दुनिया के सामने पेश करने की तैयारी में हैं।