अमेठी: ग्राहक बनकर ज्वेलरी शॉप में घुसीं दो महिलाएं, गहने चुराकर भागते समय पकड़ी गईं
अमेठी के एक ज्वेलरी स्टोर से गहने चुराने वाली दो महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से चोरों का पर्दाफाश हुआ।

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में शातिर चोरों के एक नए तरीके का खुलासा हुआ है। यहाँ एक ज्वेलरी शॉप में ग्राहक बनकर आई दो महिलाओं ने दुकानदार को बातों में उलझाया और मौका पाकर कीमती गहने पार कर दिए। हालांकि, उनकी यह चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चली और वे पुलिस की गिरफ्त में आ गईं। अमेठी में गहने चोरी की इस वारदात का खुलासा सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से संभव हो पाया है।
यह पूरी घटना रामगंज थाना क्षेत्र के भदर चौराहे पर स्थित राजकुमार सोनी की ज्वेलरी दुकान की है। 5 नवंबर को दो महिलाएं दुकान में पहुंचीं और गहने देखने के बहाने दुकानदार से बातचीत शुरू की। उन्होंने कई तरह के आभूषण देखे और फिर यह कहकर वहां से चली गईं कि वे अगले दिन वापस आएंगी। लेकिन जब दुकानदार की पत्नी ने दुकान के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। फुटेज में साफ दिख रहा था कि वे महिलाएं चोरी-छिपे गहने उठा रही थीं।
सीसीटीवी ने खोला राज, बस स्टॉप से हुई गिरफ्तारी
चोरी का पता चलते ही दुकानदार की पत्नी ने तुरंत शोर मचाया और स्थानीय लोगों को सूचित किया। सतर्क स्थानीय लोगों ने फुर्ती दिखाते हुए दोनों संदिग्ध महिलाओं को भदर बस स्टॉप पर ही धर दबोचा और तुरंत पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची रामगंज पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया।
पकड़ी गई महिलाओं की पहचान चित्रकूट जिले के मऊ की रहने वाली 50 वर्षीय कौशल्या साहू और 38 वर्षीय रीना साहू के रूप में हुई है। पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली, तो उनके पास से एक जोड़ी पायल, एक ताबीज, दो नथ और 2,350 रुपये नकद बरामद किए।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि पकड़ी गई रीना साहू का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर साल 2017 में प्रयागराज के नैनी थाने और फिर रायबरेली के भड़ोखर थाने में चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरी कार्रवाई में सब-इंस्पेक्टर अशोक यादव, कांस्टेबल राधाकृष्ण और महिला कांस्टेबल किरण की अहम भूमिका रही।